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नकली नोट :

Writer:- SHIVANSH PANDEY..................


नकली नोट  :
नकली नोट

एक आदमी नकली नोट छपता था . एक दिन गलती से उसने पंद्रह रूपये की एक नोट छाप दी.. अब पंद्रह रूपये की नोट आती तो हैं नहीं ..  
उसने बहुत सोचा - “शहर में तो सब समझदार लोग होते हैं . अगर ये नोट यहाँ चलाने गया तो मैं पकड़ा जाऊंगा. हाँ अगर किसी दूर दराज़ के गाँव में गया तो शायद ये चल जाए .. “ 
 
ये सोच कर वो बहुत  दूर बसे एक छोटे से गाँव में गया ..  
उसने देखा की लोहार लोहे की धौकनी में काम कर रहा हैं ..    
उसने लोहार से कहा - “अरे भाई ! मेरे एक नोट का छुट्टा करा दो .. “ 
ये कहके उसने पंद्रह रुपये का नोट आगे बढ़ा दिया …  
लोहार ने अपना हाँथ पोंछा और नोट को पकड़ कर देखने लगा … साथ ही साथ उसने नोट छापने वाले को भी एक नज़र देखा .. 
उस आदमी की तो हलक सुख गयी … उसे लगा  “लगता है लोहार ने पकड़ लिया …” 
लोहार बोला - “भाई जी ! मेरे पास पंद्रह रूपये शायद ना हो .. मैं चौदह रूपये दे सकता हूँ “ 
नोट छापने वाले ने सोचा - “अरे चलो मेरा क्या जाता है .. चौदह ही सही" 
उसने लोहार से कहा - “अब पंद्रह मिलते तो अच्छा होता .. पर लाईये चौदह ही दें दें ..” 
 
लोहार अन्दर गया और बहार आके उसको पैसे पकड़ा दिए …  
 
उस आदमी ने गिनना चाहा तो देखा - दो सात रूपये के नोट हैं … 
  
बिना कुछ कहे वो वह से चला गया … 

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